शहर में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घरों से लेकर दुकानों और सार्वजनिक स्थलों तक से लोहे का सामान, बिजली के तार, मोटर पार्ट्स और अन्य कीमती वस्तुएं चोरी हो रही हैं—और आरोप है कि चोरी का यही सामान सीधे कबाड़ में खपाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें पता है कि चोरी का सामान बेचने के लिए शहर में कबाड़ का आसान बाजार मौजूद है। जैसे ही सामान चोरी होता है, कुछ ही घंटों में वह कबाड़ियों के यहां पहुंच जाता है और पहचान मिटा दी जाती है।
अब बड़ा सवाल प्रशासन और शासन से—जब चोरी का सामान खुलेआम कबाड़ में बिक रहा है, तो कार्रवाई कब होगी?क्या कबाड़ियों की जांच और रिकॉर्ड की निगरानी हो रही है?या फिर चोर और खरीदार दोनों कानून के डर से बाहर हो चुके हैं?विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक चोरी का सामान खरीदने वालों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक चोरी की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है।
शहर की जनता अब मांग कर रही है कि पुलिस और प्रशासन कबाड़ कारोबार की गहन जांच करे, ताकि चोरी की जड़ पर वार हो सके, सिर्फ चोरों पर नहीं।
