देश में आर्थिक आपदा जैसे हालात, जनता पर थोपी जा रही आर्थिक पाबंदियां : राकेश ठाकुर

दुर्ग। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर देश को आर्थिक संकट और आर्थिक आपदा जैसे हालात की ओर धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से पेट्रोल-डीजल कम उपयोग करने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्रा टालने, खाद एवं तेल का उपयोग कम करने जैसी अपीलें यह साबित करती हैं कि केंद्र सरकार देश की आर्थिक स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल हो चुकी है।

जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर ईंधन मूल्य वृद्धि का सीधा असर पड़ेगा। डीजल के दाम बढ़ने से खेती-किसानी, परिवहन, माल भाड़ा और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होंगी, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर के दाम पहले ही आम जनता की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं और अब गैस सिलेंडर की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा देश की महिलाओं और परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। उज्ज्वला योजना का प्रचार करने वाली सरकार आज गरीब परिवारों को सस्ती गैस उपलब्ध कराने में असफल साबित हुई है। लगातार बढ़ते गैस सिलेंडर के दामों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है और आम परिवारों की रसोई पर सीधा संकट खड़ा कर दिया है।

राकेश ठाकुर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपने ट्वीट के माध्यम से सही सवाल उठाया है कि आखिर 12 वर्षों की भाजपा सरकार के बाद देश ऐसी स्थिति में क्यों पहुंच गया है जहां जनता को यह बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदें, क्या न खरीदें, कहां जाएं और कहां न जाएं। भाजपा सरकार हर बार अपनी विफलताओं का बोझ आम जनता पर डालकर जवाबदेही से बचने का प्रयास करती है।

उन्होंने कहा कि आज देश का किसान सबसे ज्यादा परेशान है। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है। भाजपा सरकार ने खरीफ सीजन में किसानों को मिलने वाली यूरिया खाद की मात्रा भी घटा दी है। पहले जहां प्रति एकड़ 2 बोरी खाद मिलती थी, अब उसे घटाकर 1 बोरी कर दिया गया है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।

राकेश ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान गांव-गांव में संचालित गौठानों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद उपलब्ध कराया जाता था। इससे किसानों को सस्ती और गुणवत्तायुक्त खाद मिलती थी तथा जैविक खेती को बढ़ावा मिलता था। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही गौठान व्यवस्था को बंद कराने का काम किया। आज स्थिति यह है कि सरकार न तो जैविक खाद की व्यवस्था कर पा रही है और न ही किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध करा पा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है, किसान परेशान हैं, युवा बेरोजगार हैं और आम जनता पर तरह-तरह की आर्थिक बंदिशें थोपी जा रही हैं। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों के लिए बेहद चिंताजनक है।

राकेश ठाकुर ने मांग की है कि पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की संभावित मूल्य वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, खाद की कटौती वापस ली जाए तथा गौठान और जैविक खाद योजनाओं को पुनः प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।

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