“स्मार्ट पुलिसिंग पर सवाल! क्राइम ब्रांच की टीम भी अब तक आरोपियों से दूर”

स्मार्ट पुलिसिंग पर सवाल! घटना महमरा में, पेट्रोलिंग टीम रस्मड़ा में—आरोपियों तक कब पहुंचेगी क्राइम ब्रांच?

दुर्ग के महमरा क्षेत्र में देर रात हुई चाकूबाजी और लूट की घटना ने पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना रात करीब 3 बजे हुई, दो युवक घायल हुए और मोबाइल, नकदी व बाइक की चाबी ले जाने का आरोप है। घटना के बाद अंजोरा चौकी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर है।

घटना के समय पेट्रोलिंग टीम रस्मड़ा क्षेत्र में मौजूद थी, जबकि वारदात महमरा क्षेत्र में हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर पेट्रोलिंग टीम को एक निश्चित जगह पर ही रखा जाएगा, तो उसके आसपास के इलाकों में अचानक होने वाली घटनाओं पर तत्काल नजर कैसे रखी जाएगी?
पेट्रोलिंग का मकसद सिर्फ एक जगह मौजूद रहना है या पूरे क्षेत्र में लगातार मूवमेंट कर अपराध की आशंका को रोकना?

घटना के बाद अब क्राइम ब्रांच की टीम भी आरोपियों की तलाश में जुटी है। लेकिन अगर स्मार्ट पुलिसिंग, पेट्रोलिंग और क्राइम ब्रांच जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, तो रात के वक्त संवेदनशील इलाकों में अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से नजर क्यों नहीं पड़ पाई?

पीड़ितों के मुताबिक, बाइक सवार दो युवकों से विवाद के बाद आरोपियों ने दोबारा लौटकर हमला किया। कमल निषाद और लोकेश निषाद घायल हुए। आरोप है कि हमलावर मोबाइल फोन, करीब 1 से 1 हजार 200 रुपये और बाइक की चाबी लेकर फरार हो गए।

अब सवाल आरोपियों की गिरफ्तारी का ही नहीं, पेट्रोलिंग के तरीके का भी है।

अगर पेट्रोलिंग टीम एक स्थान पर खड़ी रहेगी, तो बाकी इलाकों की निगरानी कौन करेगा?

दुर्ग पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ आरोपियों तक पहुंचने की नहीं, बल्कि ऐसी वारदातों से पहले अपराधियों तक पुलिस की मौजूदगी पहुंचाने की भी है।

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