दुर्ग में रात के सन्नाटे में चाकूबाजी और लूट ने पुलिस गश्त पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
महमरा क्षेत्र में देर रात करीब 3 बजे तीन युवक मछली पकड़ने पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो अज्ञात युवकों से विवाद हुआ। आरोप है कि कुछ देर बाद दोनों वापस आए और चाकू से हमला कर दो युवकों को घायल कर दिया।
कमल निषाद और लोकेश निषाद को चोटें आई हैं। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावर मोबाइल फोन, करीब 1 से 1 हजार 200 रुपये और बाइक की चाबी लेकर फरार हो गए।
अब सबसे बड़ा सवाल—जब घटना रात करीब 3 बजे हुई, तो उस वक्त पुलिस की गश्त कहां थी?

अगर संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग मौजूद है, तो अपराधियों को इतनी आसानी से वारदात का मौका कैसे मिला?
घटना के बाद अंजोरा चौकी पुलिस ने शिकायत लेकर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन इस वारदात ने रात की पुलिसिंग और गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
इलाके के लोगों का सवाल साफ है—अपराध होने के बाद कार्रवाई तो होगी, लेकिन अपराध रोकने के लिए पुलिस की गश्त कब दिखेगी?
