उज्जैन के सांसद एवं अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल फिरोजिया ने आगरा में बुलंद की समाज की आवाज

उज्जैन/आगरा। अखिल भारतीय खटीक समाज द्वारा आगरा के खंदारी स्थित राव कृष्णपाल सिंह सभागार (आर.बी.एस. कॉलेज) में आयोजित मंडल स्तरीय “खटीक गर्जना सम्मेलन” में समाज की सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और राष्ट्रीय भागीदारी को लेकर प्रभावी मंथन हुआ। सम्मेलन में संत शिरोमणि दुर्बलनाथ जी महाराज के 165वें अवतरण दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। करीब 2000 समाजजनों की मौजूदगी में उज्जैन-आलोट सांसद एवं अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल फिरोजिया ने समाज की प्रमुख मांगों को मजबूती से उठाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहे। सांसद अनिल फिरोजिया एवं सांसद डॉ. भोलानाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। “मैं भाषण देने नहीं, समाज की भावना को आवाज देने आया हूं”
सांसद अनिल फिरोजिया ने अपने संबोधन में कहा कि आज मैं यहां केवल भाषण देने नहीं आया हूं। मैं अपने समाज की भावना को आवाज देने, समाज के गौरव को देश के सामने रखने और समाज के अधिकारों की बात मजबूती से रखने आया हूं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उमड़ा विशाल जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि खटीक समाज जागरूक, संगठित और अपने सम्मान एवं अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि खटीक समाज संघर्ष, श्रम और स्वाभिमान की पहचान है। समाज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संस्कार और स्वाभिमान को कायम रखा है। आज समाज के लोग शिक्षा, व्यापार, सेना, प्रशासन, राजनीति और सामाजिक सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। अब आवश्यकता है कि उपलब्धियों के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए नए अवसर भी तैयार किए जाएं।
सांसद फिरोजिया ने संत शिरोमणि दुर्बलनाथ जी महाराज को नमन करते हुए कहा कि संत दुर्बलनाथ जी केवल आस्था के विषय नहीं, बल्कि संस्कार, प्रेरणा, एकता और समाज को दिशा देने वाली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि संतों की विरासत को केवल जयंती तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके विचारों और प्रेरणा को घर-घर तथा युवा पीढ़ी तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, संस्कार, संगठन और समाज के अंतिम व्यक्ति को साथ लेकर चलने से होगी।
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि संत शिरोमणि दुर्बलनाथ जी महाराज की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जाना चाहिए और इस अवसर को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल अवकाश की मांग नहीं, बल्कि समाज की आस्था, विरासत और संत के सम्मान की मांग है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में सांसद फिरोजिया ने भारतीय सेना में खटीक के नाम से रेजीमेंट स्थापित करने की संभावना पर गंभीरता से विचार करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि खटिक समाज के युवाओं में राष्ट्र सेवा की भावना है और खटीक समाज के नाम से रेजीमेंट समाज के युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का बड़ा केंद्र बनेगी।
सांसद ने कहा कि खटीक समाज की प्रतिभाएं राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, व्यापार, सेना, न्याय व्यवस्था और सामाजिक सेवा सहित हर क्षेत्र में मौजूद हैं। इसलिए समाज के योग्य युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा “प्रतिनिधित्व हमारा अधिकार है और प्रतिभा हमारी ताकत है।” सांसद फिरोजिया ने सभी राज्यों में खटीक समाज को अनुसूचित जाति से जुड़े अधिकारों में समानता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही उत्तर प्रदेश में ‘चक’ और ‘चीक’ नाम से जुड़ी पहचान एवं जाति प्रमाण-पत्र की समस्या का शीघ्र प्रशासनिक समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र केवल कागज नहीं है, बल्कि बच्चों की छात्रवृत्ति, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। राजनाथ सिंह ने दिया शिक्षा और एकजुटता का संदेश रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने खटीक समाज को संबोधित करते हुए समाज के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र, धर्म एवं सभ्यता की रक्षा में समाज की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने समाज से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “टूटने से हम बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे।”उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों को शिक्षित एवं सशक्त बनाने पर जोर दिया। समाज द्वारा सम्मानस्वरूप भेंट किए गए चांदी के मुकुट को उन्होंने विनम्रतापूर्वक लौटाते हुए सुझाव दिया कि उसे बेचकर किसी जरूरतमंद बेटी के लिए पायल बनवाई जाए। इससे सम्मेलन में बेटी शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। सांसद अनिल फिरोजिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति खटीक समाज की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज सरकार के साथ और राष्ट्र के साथ है, लेकिन अपने अधिकारों की बात लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से रखता रहेगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योगपति, खिलाड़ी, शिक्षक और राजनेता बनें, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और राष्ट्रभक्त नागरिक बनें।
सांसद ने कहा कि “व्यक्ति बड़ा नहीं होता, समाज बड़ा होता है और समाज से भी बड़ा राष्ट्र होता है।” संगठन को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव संतोष के. चक, संयोजक संजीव चक, पूर्व विधायक शिवसिंह चक, गौरव चक, ब्रह्मचारी चक, सुनील चक, पवन मेनन, कुसुमलता वर्मा, लाखन सिंह चक सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

रिपोर्ट:- आशिफ खान (उज्जैनी) मध्यप्रदेश

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