दुर्ग: ग्राम समोदा में अफीम की अवैध खेती के मामले में न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई है। बुधवार को सुनवाई के दौरान दो पुलिस कर्मचारियों का बयान दर्ज किया गया। दोनों पुलिस कर्मचारी उक्त कार्रवाई में शामिल थे। मामले की अगली सुनवाई अब आठ अक्टूबर को होगी।
ग्राम समोदा में पुलिस ने सात मार्च 2026 को अफीम की अवैध खेती का राजफाश किया था। यहां 5.60 एकड़ जमीन पर मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधे मिले। इनका अनुमानित वजन करीब 62 किग्रा आंका गया था। मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई सहित अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया। मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आठ आरोपितों के खिलाफ चालान पहले ही पेश किया जा चुका है। इसके अलावा 79 गवाहों के नामोंं की सूची भी अदालत को सौंपी गई है। इनमें पुलिस,नारकोटिक्स,एफएसएल,राजस्व विभाग और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी शामिल है।इस मामले में बुधवार को न्यायालय के समक्ष सुनवाई शुरू हुई। जिसमें अफीम की अवैध खेती मामले में कार्रवाई करने वाले आरक्षक यशवंत और प्रधान आरक्षक मनीषा दुबे का बयान लिया गया।
