दुर्ग में युवक के साथ मारपीट और लूट, CSP के हस्तक्षेप के बाद चार संदिग्ध गिरफ्तार; पद्मनाभपुर थाना की दिखी गंभीर लापरवाही

दुर्ग शहर में देर रात बस स्टैंड क्षेत्र में कार सवार युवकों के साथ मारपीट और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी घटना के दौरान पद्मनाभपुर थाना प्रभारी और स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जहां पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय थाने के चक्कर कटवाए गए और खुद ही सबूत जुटाने का जिम्मा सौंप दिया गया। हालांकि, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के अनुसार, पीड़ित युवक देर रात करीब 2 बजे अपने साथी के साथ कार से बस स्टैंड पर चाय-नाश्ता करने रुका हुआ था। इसी दौरान एक टूर एंड ट्रैवल्स की गाड़ी ने उसकी कार को ट्रैवलर के दरवाजे से टक्कर मार दी। पीड़ित ने जब इस लापरवाही का विरोध किया, तो ट्रैवलर में सवार चार लोगों ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन और नकदी भी लूट ली।

वारदात के तुरंत बाद पीड़ित न्याय की गुहार लेकर पद्मनाभपुर थाने पहुंचा, लेकिन वहां थाना स्तर पर भारी संवेदनहीनता देखने को मिली। पीड़ित को तत्काल राहत देने के बजाय केवल सादे कागज पर आवेदन लेकर सुबह थाना प्रभारी (TI) से मिलने की बात कहकर टाल दिया गया। 12 बजे जब पीड़ित थाना प्रभारी से मिला, तो पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू करने के बजाय उल्टे पीड़ित पर ही घटना का CCTV फुटेज जुटाकर लाने का दबाव बनाया।

पीड़ित ने किसी तरह खुद प्रयास कर पूरी घटना का CCTV फुटेज निकाला और थाने में उपलब्ध कराया। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की और यह कहकर मामला लटकाए रखा कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, उसके बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा।

थाना प्रभारी के इस टालमटोल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परेशान होकर पीड़ित ने सीधे दुर्ग CSP IPS हर्षित मेहर के कार्यालय पहुचा और पूरे मामले की जानकारी दी। CSP ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और विशेष टीम को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश में भेजा। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया, जिनसे पूछताछ जारी है।

इस घटना ने पद्मनाभपुर थाना प्रभारी की कार्यशैली और पुलिस की प्राथमिक कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक गंभीर अपराध के पीड़ित को खुद सबूत जुटाने पड़ें और FIR के लिए उच्चाधिकारियों तक गुहार लगानी पड़े, तो यह स्थानीय थाना स्तर पर कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।

मामले को लेकर दुर्ग CSP IPS हर्षित मेहर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई की और संदेह के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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