दुर्ग। रायपुर निवासी आरोपी द्वारा पीड़िता को शादी का झांसा देकर एवं उसका स्थानांतरण करा दिए जाने का झांसा देकर 600000 रुपए की धोखाधड़ी की गई। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318 (4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता सुषमा ठाकुर निवासी नयापारा 36 वर्ष शासकीय प्राथमिक शाला नवागांव विकासखंड धमधा जिला दुर्ग में पदस्थ है। उसके पति राजेंद्र कुमार ठाकुर का 24 अक्टूबर 2024 को स्वर्गवास हो गया है।वह अपनी सास एवं दो नाबालिग बच्चों के साथ रहती है। 23 मई 2026 को जीवनसाथी एप के माध्यम से एक मोबाइल धारक अर्जुन कसेर नामक व्यक्ति से उसकी मोबाइल पर बातचीत हुई। इस दौरान मोबाइल से अर्जुन कसेर ने बोला कि आगे फ्यूचर के लिए क्या सोची हो। तब पीड़िता ने कहा कि वह विधवा है और उसके दो नाबालिग बच्चे साथ में सास भी रहती है। तब मोबाइल धारक अर्जुन कसेर बोला कि मैं भी तलाकशुदा हूं और सिंचाई विभाग में क्लर्क के पद पर नौकरी करता हूं। मैं भी दूसरी शादी करना चाहता हूं। आप मेरे से शादी करोगी क्या। इस पर पीड़िता ने कहा कि वह आगे की पढ़ाई कर रही है इसलिए अभी शादी नहीं कर सकती, उस पर परिवार की जिम्मेदारियां बहुत है। इसके बाद लगातार अर्जुन कसेर पीड़िता को फोन करके बार-बार झांसा देने लगा कि तुम्हारा स्थानांतरण शासकीय प्राथमिक शाला नवागांव पुरदा से रायपुर के आसपास 15 किलोमीटर के दायरे में करवा दूंगा। मैं इंद्रावती भवन में सीईओ चौधरी सर के अधीन क्लर्क पद पर कार्यरत हूं। मैं सीईओ से बात कर लिया हूं 7 लाख रुपए लगेगा और तुम्हारा स्थानांतरण हो जाएगा। उसकी बातों में फंसकर पीड़िता ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है लोन लेना पड़ेगा। तब अर्जुन ने कहा कि किसी भी तरह उसे 6 लाख रुपए दे दो, एक लाख में स्वयं मिलाकर सीईओ चौधरी सर को दे दूंगा तो तुम्हारा स्थानांतरण धमधा से रायपुर के आसपास हो जाएगा। इसके बाद में तुमसे शादी कर लूंगा और दोनों पति-पत्नी की तरह रहेंगे। उसके झांसे में आकर पीड़िता ने 6 लाख रुपये 29 मार्च 2026 को पर्सनल लोन के रूप में भारतीय स्टेट बैंक मालवीय नगर दुर्ग ली और अलग-अलग फोन नंबर पर अर्जुन कसेर को 90,000 रुपए भेज दी। इसके बाद अर्जुन ने कहा कि बाकी पैसा कल ही दे दो ताकि स्थानांतरण जल्दी हो जाए। 30 मई को पीड़िता दुर्ग से स्कूटी लेकर रायपुर पहुंची। फोन किया तो आरोपी अर्जुन कसेर ने उसे तेलीबांधा थाने के पास बुलाया था।
जब पीड़िता थाने के पास गई तो वहां पर अर्जुन कसेर मिला। पीड़िता बाग से रुपए निकाल कर उसे देने लगी तब आरोपी ने वहां रकम लेने से मना कर दिया और उसने उसे एक परिचित द्वारा संचालित रेस्टोरेंट में लेकर गया और कहा कि यहां पर मुझे पैसा दो यह सुरक्षित जगह है। आरोपी ने 500000 रुपए अपने हाथ में लेने के बाद कहा कि तुम रेस्टोरेंट में बैठो मैं पैसा सीईओ साहब को एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को देकर आता हूं। यह कहकर वह पीड़िता की एक्टिवा को लेकर रेस्टोरेंट से चला गया। 1 घंटे बाद अर्जुन कसेर अपने परीचित के रेस्टोरेंट पर वापस आया और बोला कि तुम्हारा पैसा अधिकारियों को दे दिया हूं, तुम्हारा स्थानांतरण जल्दी हो जाएगा। उसके बाद हम दोनों शादी कर रायपुर में एक साथ रहेंगे। इसके बाद पीड़िता घर वापस दुर्ग आ गई थी।
आरोपी से बात करने पर पीड़िता को उस पर कुछ शक हुआ था। इसको लेकर 1 जून को पीड़िता सुषमा ठाकुर ने अर्जुन कसेर से कहा कि तुम तलाकशुदा हो तो तलाक प्रमाण पत्र दिखाओ और व्हाट्सएप पर उसे भेजो ,वहीं अपनी सिंचाई विभाग नौकरी क्लर्क पद जॉइनिंग आदेश कॉपी व्हाट्सएप करो। इस पर अर्जुन ने कहा कि तलाक के कागजात एवं ज्वाइनिंग आदेश कॉपी मेरे पास नहीं है ,मेरे पिताजी के पास है। घर की स्थिति बेटी की तबीयत खराब होने के कारण ठीक नहीं है, इसलिए मैं बाद में भेजूंगा। पीड़िता द्वारा बार-बार तलाक प्रमाण पत्र एवं नौकरी ज्वाइनिंग आदेश कॉपी मांगने पर आरोपी टाल मटोल करते रहा
शंका होने पर पीड़िता ने 4 जून को अर्जुन कसेर को मोबाइल पर कॉल की और कहा कि आपने तलाकशुदा होने की झूठी जानकारी दी, नौकरी करने की झूठी बात कही, मेरा स्थानांतरण करने की बात कह कर मुझे धोखा दे रहे हो। मैं अब तुमसे शादी नहीं करूंगी और ना ही मुझे स्थानांतरण करवाना है।मुझे मेरा पैसा वापस कर दो। इस पर आरोपी टालमटोल करता रहा।