दुर्ग | 25 मई 2026
दुर्ग पुलिस ने साइबर एवं आर्थिक अपराधियों को बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना सुपेला पुलिस और एसीसीयू टीम ने संयुक्त रूप से की।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपी मनोज कुमार भुतड़ा (33 वर्ष) पिछले वर्ष 2022 से अवैध रूप से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों और आर्थिक अपराध में संलिप्त लोगों को बेचने का काम कर रहा था। आरोपी अब तक लगभग 200 से अधिक म्यूल अकाउंट विभिन्न बैंकों—इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक—में खुलवाकर उपलब्ध करा चुका है, जिनमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि आरोपी साधारण बैंक खातों को 15 से 20 हजार रुपये और करंट अकाउंट को 40 से 50 हजार रुपये में बेचता था। खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम बैंक बैलेंस की राशि भी स्वयं उपलब्ध कराता और बाद में वापस निकाल लेता था। इतना ही नहीं, बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को बैंक में होल्ड करवाकर बाद में संपर्क के जरिए होल्ड हटवाकर रकम भी आहरित कर लेता था।
पुलिस को 24 मई को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने साथियों के साथ म्यूल अकाउंट संबंधी दस्तावेज लेकर भिलाई पहुंचा है। सूचना के आधार पर सुपेला ओवरब्रिज स्थित पांच रास्ता हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
मनोज कुमार भुतड़ा, निवासी ग्राम बिरेतरा, जिला बालोद
केवल सेठिया, निवासी केसलुर, जिला बस्तर
सत्यनारायण सेठिया, निवासी मांझीगुड़ा, थाना दरभा, जिला बस्तर
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और 1 पैन कार्ड जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के तार बालोद, गुण्डरदेही, दुर्ग, जगदलपुर, रायपुर, सूरत और गाजियाबाद तक जुड़े हुए हैं। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। थाना सुपेला में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 718/2026 के तहत धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
