कर्मचारी बोले— “जब शुभम थे, तब निगम पटरी पर था, अब सब ठप!”
दुर्ग। नगर निगम दुर्ग एक बार फिर गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। राजस्व वसूली में भारी गिरावट आने से कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना मुश्किल हो गया है। निगम के भीतर खुले तौर पर यह चर्चा है कि सहायक राजस्व अधिकारी शुभम गोईर की गैरहाजिरी ने पूरे राजस्व ढांचे को कमजोर कर दिया है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में शुभम गोईर के नेतृत्व में निगम की आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई थी। संपत्तिकर, यूजर चार्ज और समेकित कर की वसूली ने कई वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसी वजह से उस समय कर्मचारियों को वेतन के लिए परेशान नहीं होना पड़ा।
लेकिन शुभम के निलंबन के बाद से स्थिति तेजी से बिगड़ी है—न तो कर वसूली ठीक से हो रही है और न ही आय के अन्य स्रोत सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

कर्मचारियों की खुलकर नाराजगी — “नेतृत्व बदलते ही मशीनरी ठप हो गई”
निगम के कर्मचारियों का कहना है कि शुभम के कार्यकाल में राजस्व वसूली एक सिस्टम की तरह चलती थी। कर अधिकारियों की जवाबदेही तय रहती थी और फील्ड में निगरानी मजबूत थी। लेकिन अब पूरा तंत्र धीमा पड़ गया है, जिसके कारण निगम की आय में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
कर्मचारी यह भी कह रहे हैं कि—
“शुभम रहते तो वेतन का संकट खड़ा ही नहीं होता। उनकी कमी आज हर विभाग महसूस कर रहा है।”
शुभम की वापसी की चर्चा तेज, राजस्व निरीक्षक भी उनके समर्थन में
सूत्रों के मुताबिक, निगम के भीतर शुभम गोईर की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। सहायक राजस्व निरीक्षकों ने तो जनप्रतिनिधियों के सामने दो टूक कह दिया है कि वे शुभम के नेतृत्व में ही परिणाम दे सकते हैं।
उनका तर्क है कि राजस्व वसूली को फिर से पटरी पर लाने और आर्थिक संकट से उबारने के लिए अनुभव और नेतृत्व—दोनों की जरूरत है, जो शुभम में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
निगम की चुनौती— कैसे निकलेगा आर्थिक दलदल से बाहर?
दुर्ग नगर निगम की वर्तमान स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
राजस्व वसूली लगातार नीचे
कर्मचारियों का वेतन अटका
फील्ड में कार्रवाई कमजोर
कर वसूली का लक्ष्य अधूरा
ऐसे में निगम के अंदर और बाहर एक ही सवाल उठ रहा है—
क्या शुभम गोईर की वापसी ही निगम को आर्थिक संकट से निकालने की कुंजी साबित होगी?
निगम प्रशासन अब किस दिशा में कदम बढ़ाता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
