दुर्ग।पुलिस व जिला प्रशासन के द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन एवं श्रमिक ठेकेदारों एवं एंसीलरी, ट्रांसपोर्टर संगठन की बैठक ली गई, जिसमें श्रमिकों के संबंध में सत्यापन को लेकर दिशा निर्देश दिए गए ।सभी ठेका श्रमिकों का फिंगरप्रिंट तैयार किया जाएगा, एक डेटाबेस बनाया जाएगा जिससे लुक छिपकर रहने वाले अपराधियों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर 6 भिलाई में दुर्ग पुलिस एवं जिला प्रशासन के द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन, भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करने वाले श्रमिक ठेकेदार, बीएसपी सहायक उद्योग व भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करने वाले ट्रांसपोर्टरों की मीटिंग ली गई है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए सभी को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिये कि भविष्य में जो भी श्रमिकों का गेट पास जारी होगा वह क्यूआर कोड के साथ जारी किया जाएगा ताकि श्रमिकों का वेरिफिकेशन तत्काल किया जा सके। भविष्य में किसी भी प्रकार का अपराध होने पर इसका मिलान करने से अपराधी की पहचान आसानी से हो जाएगी एवं दूसरे राज्यों से अवैध तरीके से श्रमिक के रूप में काम करने वाले अपराधी लोग जो कि लुक छिपकर पहचान छुपा कर रह रहे हैं और काम कर रहे हैं उनकी पहचान कर पाना आसान हो जाएगा।