सफर के दौरान महिला यात्री के पास से सोने चांदी एवं हीरे के जेवरात रखे पर्स की चोरी का हुआ खुलाशा

सफर के दौरान महिला यात्री के पास से सोने चांदी एवं हीरे के जेवरात रखे पर्स की चोरी करने वाले दो आरोपियों को पकड़ने में जीआरपी पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी संतोष साहू उर्फ़ अफरीदी निवासी राउरकेला उड़ीसा तथा अब्दुल मन्नान उर्फ सुरेश मिश्रा निवासी राउरकेला जिला सुंदर नगर उड़ीसा के पास से 20000 रुपए नगद एवं नकली आई कार्ड जब्त किया है। दोनों आरोपियों को पकड़ कर पूछताछ में लिया गया है।
प्रार्थिया हिना पटेल पति दिनेश पटेल उम्र 54 वर्ष निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) ने 04 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि वह अपने पति के सांथ गोंदिया से रायपुर तक शिवनाथ एक्सप्रेस के 18240 कोच एच.ए. -1 ए-2 सीट नं. 21 में सफर कर रही थी। सफर के दौरान राजनांदगांव से दुर्ग के बीच में प्रार्थिया का 01 लेडीस पर्स जिसमे दो हीरे का नेकलेस, 04 नग हीरे की अंगूठी, कान का लटकन एवं नगदी 45,000 रूपये कुल किमती 65,00,000 रूपये के हीरे की ज्वेलरी एवं एक मोबाईल अज्ञात चोर चोरी कर लिया। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था। श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा पुलिस अधिक्षक रेल रायपुर के द्वारा एस.एन. अख्तर उपपुलिस अधिक्षक रेल रायपुर प्रभारी सायबर सेल, थाना प्रभारी जी.आर.पी भिलाई को आरोपियों को पकड़ने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। इसके बाद से संदेहियों पर लगातार निगरानी की जा रही थी। पुलिस ने गोंदिया से भाटापारा तक के स्टेशनों का टॉवर डंप निकाला। सी.सी.टी.व्ही. फुटेजों एवं स्टेशनों के आस-पास के होटलों को संघन चेक किया गया। दिनांक घटना का रिर्जवेशन चार्ट लिया गया। सभी का मिलान करने पर कुछ संदेहियों के मोबाईल नंबर ,फुटेज मिले जिसमें कुछ नम्बर ट्रेन के समय में रेल्वे स्टेशन रायपुर में होना पाया गया। कुछ के महासमुन्द, रायगढ़ होकर राउरकेला में होना पाया गया था। संदेहियों पर सायबर की टीम लगातार नजर रख रही थी। जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को राउरकेला से पकड़कर लाया गया। दोनों से पूछताछ की गई जिसमें आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। +फर्जी नाम एवं नंबर से कराते थे रिजर्वेशन
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे लोग एसी कोच में फर्जी नाम एवं मोबाईल नम्बर पर ट्रेनों के एसी 02 टायर में कोच में रिजर्वेशन कराकर यात्रा करते हैं। मौका देखकर यात्रियों का ट्राली बैग, लेडिस पर्स चोरी कर लेते है। चोरी की घटना की अंजाम के बाद चोरी के सामान को अपने थैले में रख लेते हैं। मोबाईल, पर्स को ट्रेन के बाहर फेंक देते है। एसी 02 टायर में पर्दा लगे होने से चोरी की घटना को घटित करने में सुविधा होती है। किसी को पता भी नहीं चलता है।आरोपियों ने यह भी बताया कि काफी लंबे समय से ट्रेनों में चोरी कर रहे हैं।
आरोपियों ने चोरी का हीरे के हार 11,00,000 रूपये में कलकत्ता में बेचना बताया। जिसकी रकम अपने भाई के बैंक खाते में 3,46,000 रूपये, अपने दोस्त के बैंक खातों में 2,45,000 रूपये एवं स्वयं के खाते में 4,96,000 रूपये जमा कर दिए थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी में प्रभारी सायबर सेल बी.एन. मिश्रा, थाना प्रभारी जीआरपी भिलाई निरीक्षक आर.के. बोर्झा, उप निरीक्षक राजेन्द्र सिंह चौकी प्रभारी दुर्ग, सउनि. भास्कर पाणिग्राही जीआरपी रायगढ़, आर. प्रकाश, साय पैकरा, आर. मोरजध्वज वर्मा, आर. राजेश मिश्रा, आर. राजदीप, आर. लकेश्वर मिरी, आर. महेन्द्र मरकाम, आर. जैकी खान, आर. विष्णु सुमन, आर. राकेश ध्रुवे की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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