डिजिटल अरेस्ट कर प्रार्थी से अज्ञात मोबाइल धारक ने 15 लाख रुपए की रकम ले ली। इसके बाद जब प्रार्थी मोबाइल धारक द्वारा रकम मांगे जाने पर जब बैंक से रकम निकालने गया तब बैंक कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने पूछताछ की। इस पर मामला खुला। प्रार्थी ने उतई थाना पहुंचकर अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 66ग,66च, 318 (4),319, 336(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस ने बताया कि उमरपोटी निवासी प्रार्थी को 26 मार्च को अज्ञात नंबर से फोन आया और उसने स्वयं को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि वह मुंबई से बोल रहा है, तुम्हारा बैंक खाता गलत तरीके से खुला हुआ है, तुम्हारे खाते में बाहर से 2 करोड रुपए आना बताया जा रहा है। यह कहकर उसने प्रार्थी को डिजिटल अरेस्ट किया और उस पर लगातार दबाव देते रहा। इसके बाद मोबाइल धारक ने कहा कि उसे ऑनलाइन की सुविधा देते हुए कहा कि वह मामले को रफा दफा करने के लिए उनके बताए अनुसार खाते में रकम डाल दें। इस पर प्रार्थी ने 15 लाख रुपए खाते में डाला। अज्ञात मोबाइल धारक ने फिर से रकम की मांग की। इस पर प्रार्थी बैंक से रकम निकालने के लिए गया। वहां पर मौजूद अधिकारियों को उस पर शक हुआ कि यह इतनी बड़ी रकम क्यों निकल रहा है जब बैंक अधिकारियों ने उससे पूछताछ की और कहा कि जब वह कारण बतायेगा तभी उसे रकम मिलेगी। तब प्रार्थी ने अपनी आपबीती बताई। इस पर बैंक कर्मियों के कहने पर प्रार्थी ने तुरंत इसकी शिकायत उतई थाना में की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।