दुर्ग में अपराध का बढ़ता ग्राफ, पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल
दुर्ग-भिलाई। जिले में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में चाकूबाजी, चोरी और हिंसा की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ाई है। सितंबर-अक्टूबर में दुर्ग जिले से हत्या, चाकूबाजी और चोरी जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
ताजा घटनाओं में अंजोरा क्षेत्र में युवक पर चाकू से हमला, पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में वकील के मकान में लाखों की चोरी और जेवरा-सिरसा क्षेत्र में पुलिस अधिकारी के बेटे पर हमले की घटनाओं का जिक्र सामने आ रहा है। इन घटनाओं को लेकर पुलिस की सक्रियता और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ा सवाल अब क्राइम ब्रांच की भूमिका और उसकी प्रभावशीलता को लेकर है। क्या अपराधियों तक पुलिस की पहुंच कमजोर हो रही है? क्या जमीनी स्तर पर पेट्रोलिंग और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है? और क्या लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद क्राइम ब्रांच में फेरबदल या जिम्मेदारियों की समीक्षा होगी?
हालांकि, किसी एक घटना के आधार पर पूरी पुलिस व्यवस्था को विफल कहना उचित नहीं होगा। दुर्ग पुलिस ने हाल के दिनों में चोरी और नशे सहित कई मामलों में कार्रवाई भी की है।
लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अब निगाहें दुर्ग पुलिस कप्तान के अगले कदम पर हैं। क्या अपराधियों पर शिकंजा और कसा जाएगा, क्या थाना स्तर की पुलिसिंग की समीक्षा होगी और क्या क्राइम ब्रांच की कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाएगा—यह आने वाला वक्त बताएगा।
