श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर आज उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी राजसी ठाठ-बाट के साथ निकाली गई। भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में चांदी की पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले और भक्तों को दर्शन दिए। बाबा की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। वहीं हर बार की तरह इस बार भी सवारी की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस कप्तान सचिन अतुलकर एक्शन मोड में नजर आए।
महाकालेश्वर मंदिर से शाम करीब 4 बजे पूजन-अर्चन के बाद बाबा महाकाल की सवारी शुरू हुई। भगवान महाकाल को चांदी की पालकी में विराजित कर मंदिर से बाहर लाया गया। मंदिर से निकलते ही पुलिस बैंड और जवानों ने सवारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

सवारी के आगे घोड़े, पुलिस बैंड, पुलिस टुकड़ी और भजन मंडलियां चल रही थीं। गाजे-बाजे और जयकारों के बीच बाबा महाकाल की सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शिप्रा नदी के रामघाट पहुंची, जहां भगवान का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद सवारी पुनः महाकाल मंदिर के लिए रवाना होगी।
मान्यता है कि भगवान महाकाल सवारी के रूप में नगर भ्रमण पर निकलकर अपनी प्रजा का हाल जानने आते हैं। अपने राजा के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों पहले से ही सड़कों के किनारे इंतजार करते नजर आए। बाबा की एक झलक मिलते ही भक्तों ने हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयकारों से पूरा मार्ग गुंजायमान कर दिया।
भगवान महाकाल की सवारी का यह सफर करीब आठ किलोमीटर का रहा, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बना।
