लोन की किस्त का चेक हुआ बाउंस, कोर्ट ने सुनाई 3 माह की सजा

बैंक ऋण की राशि अदा करने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया चेक अपर्याप्त निधि होने के कारण अनादरित हो जाने पर न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग आकांक्षा राठौर की कोर्ट ने आरोपी पुरुषोत्तम बंसोड़ निवासी गणेश चौक कृष्णा नगर सुपेला को धारा 138 के तहत 3 माह के सश्रम कारावास तथा धारा 357(3) के तहत प्रतिकर राशि 50,000 रुपए तीन माह के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। राशि अदा न करने पर 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शफीक खान ने पैरवी की थी। जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर 2015 को 1,90,000 रुपए का बैण्ड एवं लाइट सजावट लोन आरोपी ने लिया था। जिसके लिए अभियुक्त ने बैंक द्वारा लोन प्राप्त करने के लिए आवश्यक आवेदन, जमानत नामा, प्रतिज्ञा पत्र आदि निष्पादित किया था। परिवादी के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा सुपेला जिला दुर्ग द्वारा ऋण प्रदान किया गया था। किस्त की राशि के भुगतान स्वरूप एक चेक बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र शाखा भिलाई का 13 अक्टूबर 2017 को 43 000 का चेक आरोपी द्वारा बैंक संस्थान को दिया गया था
जब उक्त चेक को परिवादी क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने बैंक संस्थान के खाते में रकम प्राप्त करने के लिए जमा किया तो छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा सुपेला द्वारा जानकारी दी गई कि खाते में रकम नहीं है। इस कारण चेक अनादरित हो गया। 18 अक्टूबर 2017 को परिवादी द्वारा चेक अनादरण की सूचना अभियुक्त को दी गई एवं रजिस्ट्री पत्र भी भेजा गया था।

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