हरेली से पहले कर्मचारियों के हितों की लड़ाई तेज, राजूलाल चंद्राकर ने शासन और निगम प्रशासन से की तीन बड़ी मांगें
समय पर वेतन भुगतान, जीपीएफ-सीपीएफ राशि तत्काल जमा कराने और महिला कर्मचारियों के सम्मान में तीज उपहार देने की उठाई मांग
दुर्ग, 05 अगस्त।
हरेली पर्व से पूर्व नगर पालिक निगम दुर्ग के कर्मचारियों के हितों को लेकर नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ एक बार फिर सक्रिय हो गया है। संघ के जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कर्मचारियों के आर्थिक, सामाजिक एवं सेवा संबंधी अधिकारों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर आयुक्त, महापौर एवं राज्य शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने छत्तीसगढ़ शासन के पत्र क्रमांक एफ-4-16/2009/18, दिनांक 10 अक्टूबर 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रत्येक माह की 01 तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद नगर पालिक निगम दुर्ग के नियमित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों का जुलाई 2026 (देय अगस्त 2026) का वेतन आज तक भुगतान नहीं किया गया है। हरेली जैसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व से पहले वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है।
इसके साथ ही संघ ने जून एवं जुलाई 2026 के कर्मचारियों के वेतन से काटी गई जीपीएफ एवं सीपीएफ की राशि तत्काल संबंधित खातों में जमा कराने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई राशि समय पर जमा करना निगम प्रशासन की वैधानिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही कर्मचारियों के अधिकारों के साथ न्यायसंगत नहीं है।
महिला कर्मचारियों के सम्मान एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए संघ ने माननीय महापौर महोदया को ज्ञापन सौंपकर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हरितालिका तीज पर्व के अवसर पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साड़ी, ब्लाउज एवं पेटीकोट प्रदान किए जाने की मांग की है। संघ ने कहा कि यह केवल परंपरा नहीं बल्कि महिला कर्मचारियों के सम्मान और उनके योगदान के प्रति निगम की सकारात्मक भावना का प्रतीक है।
जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कहा—
“कर्मचारी केवल वेतन पाने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि नगर की जनसेवा व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। यदि कर्मचारियों के वैधानिक अधिकार, समय पर वेतन, भविष्य निधि की राशि और सम्मान की रक्षा नहीं होगी तो किसी भी संस्था की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ कर्मचारियों के प्रत्येक न्यायोचित अधिकार के लिए नियम एवं कानून के दायरे में रहकर निरंतर संघर्ष करता रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा—
“हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना है। शासन के आदेशों का पालन होना चाहिए और कर्मचारियों को उनका अधिकार समय पर मिलना चाहिए। कर्मचारी हित सर्वोपरि हैं और संगठन इस दिशा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।”
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि निगम प्रशासन एवं राज्य शासन कर्मचारी हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा, जिससे कर्मचारियों में विश्वास और कार्य के प्रति उत्साह बना रहेगा।
— जारीकर्ता
राजूलाल चंद्राकर
जिला अध्यक्ष
नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, दुर्ग