कोचिंग डिपो बना फिबा डिवाइस का प्रशिक्षण मॉडल

कोचिंग डिपो बना फिबा डिवाइस का प्रशिक्षण मॉडल दुर्ग। कोचिंग डिपो दुर्ग एलएचबी और एयर स्प्रिंग कोचों के फिबा डिवाइस प्रशिक्षण मॉडल बना हुआ है। यह मॉडल मरम्मत के बाद उपकरणों की प्रभावी जांच एवं कर्मचारियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। फेल्युर इंडिकेशन ब्रेक एप्लीकेशन डिवाइस फिबा जो कि आधुनिक एलएचबी कोच में लगाया जाता है एक अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रेक सिस्टम में किसी भी असामान्यता की सूचना देना होता है। जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस डिवाइस का सटीक और प्रभावी प्रशिक्षण आवश्यक है किंतु अब तक इसका प्रशिक्षण एक श्रम साध्य और समय लेने वाली प्रक्रिया रही है। फीबा डिवाइस का प्रशिक्षण करने के लिए कोर्स से इसे खोलना पड़ता है जिससे एक-दो घंटे का समय लगता है और लगभग तीन कर्मचारियों की भी आवश्यकता होती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचिंग डिपो दुर्ग द्वारा फिबा डिवाइस टेस्टिंग गैजेट का इन हाउस निर्माण किया गया है। यह अभिनव गैजेट का अप्रयुक्त रिलीज सामग्रियों का उपयोग करके तैयार किया गया है। यह गैजेट पूरी तरह से पोर्टेबल है और इसे पिट लाइन, आईओएस शेड, सिक लाइन ओईएम लाइन जैसे किसी भी स्थान पर सप्लाई के साथ आसानी से उपयोग में लाया जा सकता है।

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