बिहार से ऑनलाइन सट्टा का संचालन करने वाले गिरोह को पकड़ने में खुर्सीपार पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए हैं वहीं एक विधि से विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के पास से लाखों रुपए की डिजिटल सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस ऑनलाइन सट्टा एवं साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिहार राज्य के पटना से संचालित हीरो का पर्दाफाश कर दो आरोपियों आफताब अहमद 24 वर्ष निवासी अहमदनगर कैंप 2 राजा जामा मस्जिद के पास छावनी तथा दानिश खान 24 वर्ष निवासी कैंप पर थाना वैशाली नगर भिलाई को गिरफ्तार किया है। जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरोह द्वारा ऑनलाइन गेमिंग एवं वेटिंग प्लेटफार्म के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 12 से 15 लाख तथा प्रतिमाह लगभग 4 से 5 करोड़ का ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन ,14 एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक सहित ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी सामग्री जब्त की है।
पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन सट्टा साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। थाना खुर्सीपार में पंजीबद्ध अपराध में जुआ अधिनियम 2022 की धारा 7 के अंतर्गत विवेचना की जा रही थी। इस मामले में पूर्व में ऑनलाइन सट्टा एवं म्यूल बैंक खातों से जुड़े कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी का की जा चुकी थी। अन्य अपराध सदस्यों की तलाश में टीम लगी हुई थी। इसी क्रम में टीम को बिहार के पटना रवाना किया गया था। पुलिस ने पटना स्थित नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एक विधि इसके विरुद्ध बालक को विधि प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षा में लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे किराए के मकान में रहकर ऑनलाइन सट्टा संचालन कर रहे थे तथा विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग प्लेटफार्म के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को जोड़कर अवैध सट्टा संचालित करते थे। आरोपीगण संगठित तरीके से ऑनलाइन गेमिंग एवं वेटिंग प्लेटफार्म जैसे लूडो, कैसीनो ,एविएटर, फुटबॉल, बैटिंग सहित अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर लोगों से दांव लगवाते थे। हार जीत की राशि का लेनदेन विभिन्न नेट बैंकिंग, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग एवं म्यूल बैंक खातों के माध्यम से कराया जाता था। आरोपी लगातार बैंक खाता बदलते हुए डिजिटल माध्यम से लेनदेन कर अवैध कमाई करते थे।