दुर्ग जिले में अवैध नशे की खेती की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बड़े कृषि फॉर्मों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में जहां-जहां बड़े कृषि फॉर्म स्थित हैं, खासकर वे फॉर्म जिनमें तार घेरा या बाउंड्रीवाल कर बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित की गई है, वहां राजस्व विभाग की टीम द्वारा जांच की जा रही है। तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवारों को ऐसे सभी खेतों का अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कहीं भी अवैध नशे की सामग्री की खेती हो रही हो तो उसे तुरंत पकड़ा जा सके। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थान पर संदिग्ध फसल मिलने पर तत्काल संबंधित थाना से समन्वय कर कार्रवाई की जाए।
इसी क्रम में नगर निगम क्षेत्र के ग्राम सिकोला स्थित एक निजी भूमि, जो फॉर्म हाउस के रूप में उपयोग में है और पक्की बाउंड्रीवाल से घिरी हुई है, उसकी जांच तहसीलदार द्वारा पटवारी के साथ की गई। जांच के दौरान खसरा नंबर 288/1, 288/4, 288/5, 286, 256 और 284/3 की भूमि पर सरसों और गेहूं की फसल पाई गई। इसके अलावा ग्राम कार्हीडीह, रिसाली, डुंडेरा, बोरसी और पोतियाकला सहित अन्य क्षेत्रों में भी राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध खेती पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
