शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को जीआरपी पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज के गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास पासपोर्ट, वीजा या भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला है। मुंबई जेल से फरार हुए आरोपी को मुंबई पुलिस से मिली गोपनीय सूचना के बाद दुर्ग जीआरपी एक्सप्रेस ट्रेन में पकड़ा है। वह बांग्लादेश भागने की फिराक में था। मुंबई से पहुंची पुलिस की टीम युवक को लेकर मुंबई रवाना हो गई है।
7 नवंबर को मुंबई पुलिस से दुर्ग जीआरपी को सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी नागरिक, जो मुंबई में दर्ज मामले का आरोपी है और वह यहां से फरार हो गया है, शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस से कोलकाता जा रहा है।
वहां से वह बांग्लादेश भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही दुर्ग जीआरपी पुलिस ने तुरंत सतर्कता बरती और ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर टीम तैनात कर दी।जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, जीआरपी की टीम ने एस-1 कोच में दबिश दी। यहां से पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान अजमीर शेख 19 वर्ष निवासी बांग्लादेश के रूप में हुई थी।
जीआरपी दुर्ग थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है और उसे मुंबई में पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज या वीजा के पकड़ा था। पुलिस को चकमा देकर वह भाग निकला था। आरोपी ने मुंबई हावड़ा शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन का जनरल टिकट खरीदा था, और वह 7 तारीख को ट्रेन में सवार था। बाद में टीटी से बात कर स्लीपर कोच (एस-1) में अपनी सीट बनवा ली थी।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अजमीर शेख के पास किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज पासपोर्ट, वीजा या पहचान पत्र नहीं मिला। आरोपी बांग्लादेश में एक एजेंट को 5000 रुपए देकर किसी तरह भारत में प्रवेश किया था। उसके खिलाफ मुंबई में पहले से एफआईआर दर्ज है। दुर्ग जीआरपी के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने की सूचना मिलने पर मुंबई पुलिस की टीम फ्लाइट से पहले रायपुर पहुंची उसके बाद दुर्ग जीआरपी कार्यालय पहुंची। यहां औपचारिक पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को मुंबई पुलिस अपने साथ ले गई।
पुलिस के मुताबिक अजमीर शेख मुंबई से भागकर कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहा था।