बीती रात्रि आरोपियों ने मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। सदर बाजार क्षेत्र में शनिवार की सुबह खून से लतपथ पड़े अधेड़ को देख लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। रूपयों के लेनदेन को लेकर 10 लोगों ने अधेड़ को जमकर लात-मुक्का से पीटा था।
मृतक संतोष आचार्य उर्फ नानू 47 वर्ष शीतला नगर दुर्ग का रहने वाला है। कल रात्रि 11 बजे उसकी चैतराम सोनी से मुलाकात सदर सराफा बाजार के पास हुई थी। इस पर संतोष आचार्य के द्वारा चैतराम सोनी से पूर्व में उधार लिए गए रुपए उसे वापस करने के लिए कहा। इस पर चैतराम ने संतोष से कहा कि उसके द्वारा कोई रुपया उधर नहीं लिया है। इसी बात को लेकर दोनों के मध्य विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि चैतराम सोनी, मनीष सोनी एवं अन्य साथियों ने मिलकर लात एवं हाथ मुक्के से संतोष आचार्य की जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर सदर सराफा लाइन से घायल संतोष अचार्य को पुलिस के द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान आज सुबह संतोष आचार्य की मौत हो गई थी।
इस हत्याकांड को लेकर शहर में दिनभर मृतक संतोष आचार्य को बेरहमी से मारे जाने की चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने आधी रात को मृतक के घर के दरवाजे को तोड़ा और मृतक संतोष को मारते हुए बाहर लाए। उसके बाद आरोपी मृतक को नंगा कर उसे घसीट कर काफी दूर तक लेकर आए। सभी आरोपी एवं मृतक शराब के नशे में थे। इसके बाद आरोपियों ने जमकर मारपीट करने के बाद सराफा बाजार की एक गली में उसे छोड़ दिया था। आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से युवक की हत्या की।
शरीर पर नहीं है घसीटे जाने के निशान-एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि मृतक के खिलाफ कोतवाली थाना में 7 नवंबर को शिकायत दर्ज हुई थी। इस मामले को लेकर जब पुलिस आरोपी को पकड़ने गई थी तब वह घर में नशे की हालत में नंगा ही सोया हुआ था। इस पर पुलिस की टीम वहां से वापस आ गई थी। रात को आरोपियों ने खिड़की से उस पर एट फेंका था जिससे उसकी आंख के पास चोट लगी थी। इसके बाद मृतक नंगी हालत में ही बाहर निकला था जिसे मारपीट होने पर वह वहां से नगर निगम की कचरा वाहन में बैठकर भागा था। उसका पीछा करते हुए आरोपी सदर बाजार के पास पहुंचे और वहां भी उन्होंने मृतक के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे छोड़कर आरोपी वहां से भाग निकले थे। जब पुलिस की टीम वहां पहुंची तब तक संतोष जिंदा था।एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि उसके शरीर पर सड़क पर या टायर में बांधकर घसीटे जाने के कोई निशान नहीं थे। मृतक नशे का आदी था और उसका शरीर पहले ही कमजोर था। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है परंतु अभी तक उसे दूर तक घसीटे जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।