दुर्ग। मासूम बच्ची के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसे मारने के उद्देश्य से बोरे में भरकर जंगल झाड़ियां में फेंक देने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है अपार सत्य न्यायाधीश चतुर्थ एफसी अनीश दुबे की कोर्ट ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ़ जनता को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास ₹5000 दंड धारा 67 के तहत 7 वर्ष सश्रम कारावास ₹2000 अर्थ दंड धारा 109 के तहत 10 वर्ष से श्रम करवा ₹2000 अर्थ दंड धारा 238 के तहत 7 वर्ष शीम करवा ₹2000 अर्थ दंड तथा अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 32 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई