दुर्ग। शहर के तमेर पारा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री किल्ला मंदिर में 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा (स्नान पूर्णिमा) महोत्सव श्रद्धा और वैदिक परंपरा के साथ मनाया जाएगा।
इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गर्भगृह से बाहर स्नान वेदी पर विराजित कर 108 कलशों के पवित्र जल से महाभिषेक किया जाएगा।मंदिर परिसर के पवित्र कुएं, शिवनाथ नदी के जल तथा सुगंधित तीर्थजल से अभिषेक की विशेष व्यवस्था की गई है।
निर्धारित क्रम के अनुसार भगवान जगन्नाथ का 35, भगवान बलभद्र का 33, देवी सुभद्रा का 22 तथा श्री सुदर्शन का 18 कलशों से दिव्य स्नान कराया जाएगा।मंदिर समिति के अनुसार स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान 15 दिनों के अनसर काल में विराजमान रहेंगे।
धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में भगवान अस्वस्थ रहते हैं, इसलिए उन्हें औषधीय काढ़े और विशेष भोग अर्पित किए जाते हैं। इसके पश्चात नवयौवन रूप में भक्तों को दर्शन देकर रथयात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं।इसी क्रम में 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।
मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से स्नान पूर्णिमा महोत्सव एवं रथयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
