33% वसूली, आखिरी दिनों में कर्मचारियों पर सख्ती… क्या कमिश्नर की रणनीति हुई फेल?

60 करोड़ की मांग के मुकाबले सिर्फ 20 करोड़ वसूली, निगम प्रशासन पर उठे सवाल

दुर्ग: दुर्ग नगर निगम में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। निगम के आंतरिक गोस्वारा के अनुसार 15 मार्च 2026 तक लगभग 60 करोड़ से अधिक की मांग के विरुद्ध केवल 20 करोड़ रुपये के आसपास ही वसूली हो पाई है। यानी पूरा वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन निगम अब तक केवल 33 प्रतिशत राजस्व वसूली ही कर पाया है।
इस स्थिति को लेकर अब नगर निगम प्रशासन और विशेषकर कमिश्नर की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। शहर के जानकारों का कहना है कि यदि पूरे वर्ष राजस्व वसूली की प्रभावी मॉनिटरिंग और स्पष्ट रणनीति बनाई जाती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में निगम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि 31 मार्च तक यदि किसी ARI या RSI की वसूली 70 प्रतिशत से कम रही तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी या डिमोशन की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही कर्मचारियों को प्रतिदिन 75 लाख रुपये का वसूली लक्ष्य भी दिए जाने की बात सामने आई है।
निगम कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि पूरे वर्ष राजस्व वसूली की स्थिति कमजोर रहने के बावजूद अब वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में अचानक सख्ती करना और कार्रवाई की चेतावनी देना प्रशासनिक विफलता को कर्मचारियों पर थोपने जैसा माना जा रहा है।
शहर के जानकारों का कहना है कि राजस्व वसूली नगर निगम की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ होती है। यदि समय रहते प्रभावी योजना नहीं बनाई गई तो इसका असर निगम की वित्तीय स्थिति और शहर के विकास कार्यों पर पड़ सकता है।


अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या दुर्ग निगम में कमजोर राजस्व वसूली के लिए जिम्मेदारी तय होगी या फिर इसका पूरा भार केवल कर्मचारियों पर ही डाला जाएगा?

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