दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती युवक ने इलाज के दौरान नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद खून की उल्टी की और दम तोड़ दिया। सिद्धार्थ नगर निवासी 22 वर्षीय युवक प्रभात सूर्या की बुधवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हुई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने डॉक्टर एवं इंजेक्शन लगाने वाली सिस्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक अरुण वोरा भी जिला अस्पताल पहुंचे थे। मृतक के परिजन मोहल्लेवासी अस्पताल पहुंचने के बाद वहां पर हो रहे हंगामा को देख मौके पर कोतवाली पुलिस दल बल सहित पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। परिवार वालों ने बताया कि मृतक प्रभात सूर्य का तीन-चार दिन पूर्व ही विवाह हुआ था।
सिद्धार्थनगर निवासी प्रभात सूर्या 22 वर्ष के द्वारा मंगलवार की दोपहर को चूहा मार दवाई का सेवन किया गया था। जिसे परिजनों के द्वारा इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज प्रारंभ होने के बाद युवक की स्थिति सामान्य थी। देर रात तक उसके द्वारा परिजनों से बात भी की गई। डॉक्टर ने भी उसकी हालात स्थिर होना बताई थी। परिवार वालों ने बताया कि बुधवार की सुबह भी वह नॉर्मल स्थिति में था और सभी से बात कर रहा था उसने कहा कि उसे आज डिस्चार्ज कर दिया जाएगा अब वह घर जाएगा। जिला अस्पताल में भर्ती युवक को सुबह नर्स के द्वारा इंजेक्शन दिया गया। उसकी हालत बिगड़ गई और उल्टी करने लगा। उसके नाक एवं मुंह से खून निकलने लगा।कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई । मौत की सूचना के बाद युवक के परिजन, दोस्त,मोहल्लेवासी अस्पताल में पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे।
परिजनों ने लगाया आरोप
परिजनों में मृतक युवक का भाई निखिल एवं उसकी मां पूजा सूर्या ने आरोप लगाया कि प्रभात को गलत इंजेक्शन लगाने एवं इलाज में की गई लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। समय पर सही इलाज मिलता तो प्रभात बच जाता। सुबह उसे डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही थी उससे पूर्व ही या घटना हो गई।
युवक के मौत की जानकारी लगते ही जिला अस्पताल में लोग जमा हो गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, इस दौरान नारेबाजी भी होती रही। बिगड़ती स्थिति को देखकर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। आला अधिकारी लगातार परिजनों को समझाइश देते रहे और न्याय दिलाने का आश्वासन देते रहे। पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भी अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली और रोते बिखलते परिवार को ढांढस बंधाया।

करें निष्पक्ष जांच, हो दोषियों पर कार्रवाई – अरुण वोरा
जिला अस्पताल पहुंचे पूर्व विधायक अरुण बोरा ने कहा कि परिजनों के द्वारा डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी डॉक्टर या नर्स दोषी है उसे पर कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार दुखी एवं क्रोधित है जिसे देखते हुए उनके द्वारा जिला प्रशासन से इस मामले में संपूर्ण जांच निष्पक्ष रूप से किए जाने की बात कही गई है।

तीन डॉक्टरों की बनाई जांच कमेटी-डॉक्टर मिंज
सिविल सर्जन डॉ आशीषन मिंज ने बताया कि युवक प्रभात का इलाज प्रोटोकॉल के तहत ही किया जा रहा था। डॉक्टर द्वारा लिखे गए इंजेक्शन को ही नर्स के द्वारा लगाया गया था और वह भी इंजेक्शन गैस ना बने इसके लिए दिया गया था। प्रभात को कोई भी ऐसा इंजेक्शन नहीं लगाया गया था जिससे कि उसकी मौत हो। मरीज के द्वारा चूहा मार दवाइयां खाई गई थी। जिसका असर देर से भी होता है। इस मामले में जांच कमेटी बना दी गई है। जिसमें तीन डॉक्टरों के द्वारा पूरे मामले की जांच की जाएगी पीएम की वीडियो ग्राफी भी की जा रही है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ मिंज ने कहा कि दवाइयां एक्सपायरी डेट की नहीं थी उसे चेक किया जाता है स्टोर में भी चेक होने के बाद ही उसे मरीजों को लगाने के लिए दी जाती है। हमारे अस्पताल में जो नर्स काम कर रही थी वह पिछले 1 साल से कार्यरत है और उसने जो इंजेक्शन लगाया वह सही है।

पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे होगी जांच-सीएसपी
नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग हर्षित मेहर ने बताया कि उसकी मौत का कारण क्या है यह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। कारण सामने आने पर जो भी दोषी होगा उस पर अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा। घटना के दौरान मृतक के परिजन, मोहल्ले वासियों के साथ अस्पताल के डॉक्टरों,नर्सो, कर्मचारियों के बीच गाली गलौज एवं तनातनी की स्थिति हुई थी। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ शिकायत किए हैं। सीसीटीवी फुटेज में नजर आने वाले दोनों पक्ष के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने गलत हरकत किए हैं। श्री मेहर ने बताया कि जिला अस्पताल में सहायता केंद्र है जहां पर पुलिस कर्मी की ड्यूटी रहती है। जिला अस्पताल में चौकी स्थापित किए जाने की मांग की जा रही है, जिसको लेकर विचार किया जा रहा है।
