घर में घुसकर मारपीट कर तोड़फोड़, आरोपी को सजा

दुर्ग। निचली अदालत से दोष मुक्त किए गए आरोपी दयाशंकर सिंह निवासी कैलाश नगर जामुल को सत्र न्यायाधीश दुर्ग के विनोद कुजूर की कोर्ट ने
ने दोषी ठहराया है। निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए न्यायालय ने आरोपी दयाशंकर सिंह को धारा 452 के तहत 2 वर्ष सश्रम कारावास, 506(2) के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास और धारा 427 के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोग कभी योजक द्रोण ताम्रकार ने पैरवी की थी।
प्रार्थिया ने थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी बेटी के साथ घर में रहती है। आरोपी दयाशंकर सिंह मकान को अपना बताते हुए घर में घुसा और मकान खाली करने की बात कहते हुए विवाद करने लगा। घर में रखी कुर्सी, टेबल सहित अन्य सामानों को तोड़फोड़ कर दिया था। विरोध करने पर महिला के बाल पकड़कर उसके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट भी की थी। इस मामले में निचली अदालत ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया था। इसके बाद राज्य की ओर से सत्र न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी ।अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन नहीं किया था। इसके बाद दोष मुक्ति का फैसलाअपास्त करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *