/उज्जैन। प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा से बड़े नेताओं की मुलाकात ने सियासी पारा ऊपर उठा दिया है। सियासी पारा गर्म भी क्यों ना हो क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश शासन में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की, हालांकि यह बात अलग है कि मुलाकात के दौरान श्री मिश्रा के चेहरे की मुस्कुराहट बता रही है कि अंदर खाने में कुछ तो चल रहा है जिससे आने वाले दिनों में पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के गुरूवार को भोपाल में अपने कार्यक्रम के बीच में अचानक दिल्ली बुलावा और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात और लंबी चर्चा होना इस बात का संकेत है कि नरोत्तम मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी दी जाने की संभावना हो सकती है।दतिया उपचुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद बीजेपी के नेता गौरव रणदिवे के नेतृत्व में समीक्षा के लिए कमेटी गठित हुई एवं समीक्षा के बाद पार्टी द्वारा कार्यवाही करते हुए दतिया जिले की बीजेपी कार्यकारिणी भंग कर दी गई फिर कुछ समय बाद अब जाकर नरोत्तम मिश्रा की बड़े नेताओं से मुलाकात होते ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। क्या बीजेपी अब दतिया उपचुनाव के टिकट काटने के बाद नरोत्तम मिश्रा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है यह सवाल ने जन्म लिया है क्योंकि बड़े नेताओं की श्री मिश्रा से मुलाकात के बाद कई मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नरोत्तम मिश्रा को कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की बात सामने आई है जिसे उत्तर प्रदेश के लिए दतिया की राजनीति के माने जाने वाले कद्दावर नेता के दतिया उपचुनाव के बाद श्री मिश्रा के लिए कुछ नया साबित हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी में नेताओं की मुलाकातों का दौर तो आम होता है लेकिन गतिविधियां कुछ और होती है यही बीजेपी की रीतिनीति है।

रिपोर्ट:- आशिफ खान (उज्जैनी), मध्यप्रदेश