Durg। कुंदरापारा में हुए चर्चित गैंगवार और लेखराम कोठारी हत्याकांड के बाद पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मेहर ने उन्हें कर्तव्य के प्रति कथित घोर लापरवाही को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में घटना से पहले और बाद में पुलिस की कार्रवाई में कई गंभीर चूकें गिनाई गई हैं।नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, हत्या की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। थाना प्रभारी स्वयं तत्काल घटनास्थल नहीं पहुंचे, जिसके कारण घटनास्थल का निरीक्षण और शव को मर्च्युरी भिजवाने जैसी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारी को स्वयं करनी पड़ी।
इतना ही नहीं, गैंगवार के बाद अस्पताल ले जाए गए आरोपियों में से एक आरोपी लक्ष्मी चेलक पुलिस की निगरानी से फरार हो गया, जिसे बाद में एसीसीयू टीम ने गिरफ्तार किया।नोटिस में सबसे गंभीर बिंदु उस सुबह हुई हिंसक झड़प को माना गया है। दस्तावेज के अनुसार, 12 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। दोनों पक्ष थाना भी पहुंचे थे, लेकिन तत्काल गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। विभाग का मानना है कि यदि उसी समय प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाती और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी जानकारी दी जाती, तो संभव है कि शाम तक तनाव गैंगवार और हत्या तक नहीं पहुंचता।इसी घटनाक्रम के बीच अब पुलिस महकमे में एक पुराना मामला भी चर्चा का विषय बन गया है।

वर्ष 2025 नवम्बर में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए संतोष आचार्य हत्याकांड के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी तापेश्वर सिंह नेताम को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर रक्षित केंद्र भेज दिया गया था। उनकी जगह नए थाना प्रभारी की नियुक्ति भी कर दी गई थी।
जानकारों का कहना है कि तापेश्वर सिंह नेताम के कार्यकाल में कोतवाली क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया गया। हिस्ट्रीशीटरों और बदमाशों पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी और पुलिस की सक्रियता के कारण क्षेत्र में अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण देखा गया। संतोष आचार्य हत्याकांड में भी कोतवाली पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बावजूद प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया।
अब सवाल पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया को लेकर उठ रहे हैं। विभागीय नोटिस में चार गंभीर लापरवाहियों का उल्लेख किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसे में पुलिस महकमे और शहरवासियों की नजर अब दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के अगले कदम पर टिकी है।

क्या कोतवाली थाना प्रभारी की तरह पद्मनाभपुर थाना प्रभारी पर भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होगी, या मामला केवल कारण बताओ नोटिस तक ही सीमित रहेगा? इसका जवाब विभागीय जांच और आगामी निर्णय के बाद ही सामने आएगा।