दुर्ग। राजस्व निरीक्षक मंडल तहसील व जिला दुर्ग के अंतर्गत ग्राम सिकोला की तीन अलग-अलग खसरे की करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन को सुनियोजित तरीके से हड़पने के मामले में मोहन नगर थाना पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता लखन सिंह का बयान दर्ज कर लिया है। रुआ बांधा निवासी फर्जी विक्रेता व गवाह के रूप में शामिल धर्मेंद्र मेश्राम के घर पुलिस की टीम भी भेजी जा चुकी है लेकिन वह निवास में नहीं मिला। पुलिस इस मामले में दीपक नगर निवासी प्रविन्दर चाने, उसकी पत्नी नम्रता कौर चाने का भी बयान दर्ज करने वाली है। इस धोखाधड़ी के मामले में तीन मुख्य आरोपी शामिल है।
जानकारी के मुताबिक नकली विक्रेता खड़ा करके व कूटरचित दस्तावेज का उपयोग कर जमीन की रजिस्ट्री प्रविन्दर चाने द्वारा नम्रता को बचाने के नाम पर कराई गई है। इस मामले में डिपरापारा निवासी लखन सिंह ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग से मालवीय नगर दीपक नगर निवासी प्रविन्दर चाने, नम्रता कौर चाने तथा षड्यंत्र में शामिल धर्मेंद्र मेश्राम के खिलाफ शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि तीन मामलों में पुलिस जांच कर रही है।पहला मामला ग्राम सिकोला स्थित भूमि का है जिसमें श्रीमती कुलवंत कौर पति सुंदर कौर निवासी जमशेदपुर झारखंड को विक्रेता के रूप में उपस्थित कर विक्रय पत्र का निष्पादन व पंजीयन कराया गया है। इस विक्रय पत्र में असली कुलवंत कौर के हस्ताक्षर नहीं है। दूसरा मामला राजस्व निरीक्षक मंडल सिकोला स्थित भूमि खसरा नंबर 290/ 36 है जिसमें करम सिंह निवासी जमशेदपुर झारखंड को विक्रेता के रूप में उपस्थित कराकर विक्रय पत्र का निष्पादन व पंजीयन कराया गया है। इस जमीन की रजिस्ट्री भी नम्रता कौर जाने पति प्रविन्दर चाने के नाम पर कराई गई है। इसी तरह तीसरा मामला भी सिकोला के खसरा नंबर 290/ 33 का है। इस भूमि की रजिस्ट्री भी नम्रता के द्वारा अपने नाम पर कराई गई है। इसमें सुरेंद्र सिंह जमशेदपुर को विक्रेता के रूप में उपस्थित कराकर विक्रय पत्र का निष्पादन व पंजीयन कराया गया है। इसमें भी सुरेंद्र सिंह के हस्ताक्षर कूट रचित व फर्जी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।