30 अगस्त से पूरे प्रदेश में युवा कांग्रेस के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। युवा कांग्रेस के चुनाव कराने के पीछे राहुल गांधी जी की मूल भावना यही रही है कि संगठन में अधिक से अधिक नए एवं युवा चेहरों को आगे आने का अवसर मिले, ताकि मेहनत, योग्यता और सक्रियता के आधार पर युवा राजनीति में अपनी मजबूत जगह बना सकें।
लेकिन दुर्ग शहर मे वर्तमान चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिस प्रकार जिला कांग्रेस कमेटी से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, पूर्व पार्षदों, छाया पार्षदों एवं अध्यक्ष पद पर रह चुके नेताओं की सक्रिय भूमिका और कथित हस्तक्षेप सामने आ रहा है, उससे युवा कांग्रेस के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि कुछ वरिष्ठ नेता विभिन्न वार्डों में जाकर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। यदि यह स्थिति सही है, तो इसका सीधा असर उन युवाओं के मनोबल पर पड़ता है जो अपनी मेहनत, संगठन के प्रति समर्पण और व्यक्तिगत जनसंपर्क के आधार पर चुनाव मैदान में हैं।
युवा कांग्रेस का चुनाव युवाओं को नेतृत्व का अवसर देने के उद्देश्य से कराया जा रहा है। ऐसे में किसी भी वरिष्ठ नेता का किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में प्रभाव का इस्तेमाल करना चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकता है।
सुनने में जानकारी मिली है कि दूसरा पक्ष इस कथित हस्तक्षेप की शिकायत कांग्रेस के दिल्ली में बैठे वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाएगा, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और हर युवा उम्मीदवार को बिना किसी दबाव, प्रभाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के अपनी योग्यता और मेहनत के आधार पर चुनाव लड़ने का समान अवसर मिले जिससे युवा कांग्रेस चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र वातावरण में संपन्न कराया जाए.
