दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर, असंगठित श्रमिकों की समस्याओं और अधिकारों पर उठाई आवाज

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर शामिल हुए। बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रदेश अध्यक्षों एवं राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और आर्थिक चुनौतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए अभिषेक बोरकर ने श्रमिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव मेहनतकश श्रमिकों के परिश्रम पर टिकी हुई है। निर्माण कार्य, उद्योग, कृषि, परिवहन और घरेलू कामकाज सहित विभिन्न क्षेत्रों में लाखों श्रमिक अपना योगदान दे रहे हैं, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में कामगार उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

श्रमिकों के लिए रखे महत्वपूर्ण सुझाव

अभिषेक बोरकर ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पारदर्शी पंजीयन सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, पेंशन, बच्चों की शिक्षा और महिला श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा केवल बैठकों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनकी वास्तविक समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाना चाहिए।

संगठन को जिला और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने पर जोर

बैठक में बोरकर ने संगठनात्मक विस्तार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक और औद्योगिक क्षेत्रों तक संगठन को सक्रिय एवं मजबूत बनाने की बात कही। साथ ही श्रमिकों के बीच नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का संकलन और समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया।

अभिषेक बोरकर ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। संगठन का उद्देश्य केवल पदों और समितियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक को उसका अधिकार, सम्मान और न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक गतिविधियों को मिलेगी गति

बैठक के बाद अभिषेक बोरकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार दिया जाएगा तथा अधिक से अधिक श्रमिकों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, देशव्यापी जनसंपर्क अभियान और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रणनीति बनाने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।

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