श्री स्वामीनारायण गुरुकुल स्कूल, भिलाई द्वारा आशीर्वाद ब्लड बैंकनेहरू नगर, भिलाई के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना तथा समाज में रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इस अवसर पर श्री आशीयन कुमार मिंज, सिविल सर्जन, दुर्ग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री डी. रघुनाथ, डायरेक्टर, श्री स्वामीनारायण गुरुकुल स्कूल तथा श्री विकास जायसवाल, डायरेक्टर, आशीर्वाद ब्लड बैंक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री आशीयन कुमार मिंज ने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्तियों के लिए रक्तदान से कुछ शारीरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, रक्तदान से पहले की जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी जाँच से भी कुछ उपयोगी चिकित्सकीय जानकारी प्राप्त हो सकती है।
उन्होंने आमजन से इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने और रक्तदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।विद्यालय के डायरेक्टर श्री डी. रघुनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि श्री स्वामीनारायण गुरुकुल स्कूल शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं बल्कि विद्यार्थियों एवं समाज में सेवा, करुणा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने रक्तदान शिविर जैसी पहल को समाज सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा सभी को ऐसे कार्यों में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।इस शिविर की विशेष उपलब्धि विद्यालय के अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। विद्यालय के अनेक अभिभावक स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आए। उनके इस सराहनीय योगदान, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण की आयोजकों ने प्रशंसा की।
अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता ने समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।विद्यालय के प्राचार्य श्री पलाश जायसवाल सहित शिक्षकगण एवं अन्य कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और शिविर को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
