दुर्ग। साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाता उपलब्ध कराकर अवैध धन अर्जित करने वाले आरोपियों को उतई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपियों के बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध एवं अनाधिकृत ट्रांजैक्शन पाए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना उतई क्षेत्र अंतर्गत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खातों का परीक्षण किया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह पाया गया कि विभिन्न प्रकरण में प्रयुक्त रकम कुछ संदिग्ध खातों में प्राप्त हुई थी। जांच में पाया गया कि वर्ष 2024 से2026 के मध्य इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त राशि को अन्य खातों में स्थानांतरित एवं आहरित किया गया है। इससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित भी किया गया। जांच में 30 संदिग्ध खाता धारकों के विरुद्ध धारा 318(2), 318 (3),318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था।
विवेचना के दौरान बैंक से प्राप्त केवाईसी खाता, वितरण ट्रांजैक्शन, स्टेटमेंट का परीक्षण किया गया जिसमें आरोपियों के खाते में लाखों रुपए अनाधिकृत लेनदेन पाए गए। पूछताछ में आरोपियों भूपेंद्र हिरवानी निवासी मोतीलाल चौक सुपेला, नवलेश्वर पाटले वार्ड नंबर 6 संजय नगर सुपेला, पवन सिंह प्रगति नगर केंप एक भिलाई, आकाश चंद्राकर निवासी कृष्णा टॉकीज के सामने मैत्री नगर, अर्पण शुक्ला तितुरडीह थाना मोहन नगर, मुकेश सिंह सेक्टर 7 भिलाई ने अपने बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड एवं मोबाइल सिम अन्य व्यक्तियों को साइबर ठगी से संबंध अवैध आर्थिक लेनदेन के लिए उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया।